Wednesday, June 29, 2011

Who Am I

Who Am I

A truth seeking lair
A clipped wings flyer

Who Am I

Untamed and unconquered spirit
Playing with words as a habit

Who Am I

Doubting every possible conclusion
Yet holding some of them even at the cost of seclusion

Who Am I

With thousands of kills and bruises
Knife in one hand and other hand full of roses

Who Am I

Am I myself
Yes I am

And that why I claim my life with such arrogance :)

Thursday, June 9, 2011

आज मैने रसगुल्ले खाए और वोह बहुत स्वाद थे

एक बाबा जिसने एक ही सांस में अहिंसा का दम भरा और सेना बनाने का वादा भी किया 
फिर आये हमारे अन्ना जिसने उसी अहिंसा के चीथड़ों को अगले ही दिन सिया 
और फिर सरकार बोली की यह क्या बवाल मचा रखा है
ढंग से "खाने" भी नहीं देते , यह क्या अनशन-अनशन का शोर लगा रखा है

आम-आदमी के आम का जूस सारा निचोड़ मारा
अब छिलका और गुठली के साथ गुस्सा लिए बहुत सारा 
वोह चल दिया राजघाट और जंतर मंतर पे लिए तिरंगा 
मिल जुल के एक समाज बनाने सतरंगा 

पर रुको, मैने यहीं बैठे बैठे क्या किया यह तोह आपने पुछा ही नहीं
मैने तोह भैया आज रसगुल्ले खाए और वोह बहुत स्वाद थे 

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